Category Archives: चाणक्य निति

सबसे बड़ा गुरु मन्त्र

सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है : कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं. ये आपको बर्वाद कर देगा.

पहले पाच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये . अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये. जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यव्हार करिए.आपके  व्यस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं.

The biggest guru-mantra is: never share your secrets with anybody. It will destroy you.

Treat your kid like a darling for the first five years. For the next five years, scold them. By the time they turn sixteen, treat them like a friend. Your grown up children are your best friends.

खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए

वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है , उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है,क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए..

He who is overly attached to his family members experiences fear and sorrow, for the root of all grief is attachment. Thus one should discard attachment to be happy.
चाणक्य

संतोषजनक उत्तर मिल जायें तभी आगे बढें

Before you start some work, always ask yourself three questions – Why am I doing it, What the results might be and Will I be successful. Only when you think deeply and find satisfactory answers to these questions, go ahead.

कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें , तभी आगे बढें                                                                                                                                                                      चाणक्य

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